Biography
Shri Ravikant Garg
रविकान्त गर्ग (पूर्व राज्य मंत्री उ. प्र. शासन)
सदस्य. राष्ट्रीय कार्य कारिणी भारतीय जनता पार्टी
पूर्व अध्यक्ष : उ०प्र०मत्स्य विकास निगम उ. प्र. शासन
पूर्व अध्यक्ष : उ०प्र०सहकारिता सलाहकार परिषद
चेयरमैन : श्री महाराजा अग्रसेन एजुकेशनल सोसायटी
1967 के निर्वाचनों से सक्रिय सहभागिता राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद तत्पश्चात भारतीय जन संघ की युवा शाखा भारतीय युवा संघ, श्री रामलीला सभा मथुरा, नगर उद्योग व्यापार मंडल, श्री अग्रवाल सभा, श्री तिलक द्वार अग्रवाल धर्मशाला समिति, अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन, अंतरराष्ट्रीय वैश्य महा सम्मेलन, अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन उत्तर प्रदेश अग्रवाल महा सभा सहित अनेक व्यापारिक, सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं में निरंतर सक्रियता, आपातकाल श्री राम जन्मभूमि आंदोलन द्वितीय राज भाषा उर्दू विरोधी आंदोलन, गौ रक्षा आन्दोलनों तथा जन समस्याओं के लिए संघर्षरत रहते हुए अनेक बार जेल यात्रा की तथा अनेक मुकदमें दर्ज हुए। सन 1989 में प्रथम बार मधुरा वृंदावन विधान सभा से विधायक निर्वाचित, सन 1991 में पुनः भारी बहुमत से विधायक निर्वाचित होने के बाद राज्य मंत्री ऊर्जा फिर संस्थागत वित्त राज्य मंत्री बनाए गए। सन 1997 में भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश के महा मंत्री सन 2000 में उत्तर प्रदेश मत्स्य विकास निगम के चेयरमैन राज्य मंत्री दर्ज़ा बनाया गया 2004 में भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पं. दीनदयाल उपाध्याय सेवा प्रतिष्ठान भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय बरिष्ठ उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रान्तीय बरिष्ठ उपाध्यक्ष अन्तर राष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन के अंतर राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा वर्तमान में अन्तराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पं. दीनदयाल उपाध्याय सेवा प्रतिष्ठान सहित अनेक राष्ट्रीय एवम प्रदेश की संस्थाओं में विभिन्न पदों पर सक्रिय रूप से कार्यरत रहते हुए 2006 में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा गठित सहकारिता सलाहकार परिषद के अध्यक्ष बने 2010 से भाजपा राष्ट्रीय कार्य कारिणी के सदस्य हैं।
वर्तमान में उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड अध्यक्ष के रूप में कार्यरत है। 1989 में मथुरा जनपद में प्रथम बार केवल 33 वर्ष की उम्र में भाजपा से विधायक निर्वाचित हुए, उससे पूर्व मथुरा जनपद से भारतीय जन संघ तथा भारतीय जनता पार्टी से अन्य कोई विधायक या सांसद निर्वाचित नहीं हुआ।
1989 में पांच वर्ष के लिए निर्वाचित होने के बाबजूद श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के कारण 16 माह में तत्कालीन मुख्यमंत्री श्रीमुलायम सिंह यादव की सरकार गिरने के कारण 16 महिने ही विधायक रहे परन्तु 16 महीने में तथा बाद में पुनः निर्वाचित होने के बाद भी 17 महीने में सरकार गिर जाने के बावजूद विकास के कार्यों एवं क्षेत्र एवं जनपद वासियों की समस्याओं के निराकरण में अग्रणी, महती भूमिका अदा की। सन 1991 में पुनः निर्वाचिन होने पर पूर्व की अपेक्षा पांच गुना अधिक मतों के अंतर से विजयी हुए तत्पश्चात राज्य मंत्री ऊर्जा फिर राज्य मंत्री संस्थागत वित्त बनाये गए, परन्तु 6 दिसम्बर 1992 को अयोध्या में बाबरी ढांचा ढहने कारण 16 माह में ही श्री कल्याण सिंह जी के नेतृत्व वाली सरकार गिरा दी गई, जिसके कारण पांच वर्ष के लिए विधायक निर्वाचित होने के बाबजूद पुनः 17 माह का विधायक कार्यकाल रहा।
सन् 1970 में युवा सामाजिक संगठन के रूप में श्री अग्रवाल सेवा संघ का गठन किया जो बाद में नगर का प्रमुख सामाजिक संगठन बन गया एवं सन् 1971 में रामलीला सभा के कार्यकारिणी सदस्य बने एवं श्री अग्रवाल सभा के आम निर्वाचनों में आय व्यय निरीक्षक निर्वाचित हुए।
इन्होंने जिस संस्था में जिस पद पर भी कार्य किया, बड़ी जिम्मेदारी के साथ निभाया है एवं तन-मन-धन से सेवा, सहयोग किया। इनके देश के प्रख्यात धर्माचार्यों, राजनेताओं, सामाजिक एवं व्यापारिक क्षेत्र के सभी सर्वोच्च महानुभावों से व्यक्तिगत एवं घनिष्ठ सम्बंध हैं।
सन् 1972 में भारतीय जन संघ की युवा शाखा भारतीय युवा संघ के गठन होने पर नगर संगठन सचिव बनाये गये। जिसके अंतर्गत अन्य पदाधिकारी एवं साथियों के साथ अनेक जन समस्याओं जैसे बिजली, पेयजल, गंदगी तथा गुन्डा गिर्दी एवं अपराधिक वारदातों के विरुध्द निरंतर संघर्ष करते रहे। जिसमें विधुत विभाग के विरुध्द किया गया जन आंदोलन, मथुरा वन्द, कलक्ट्रेट पर विशाल प्रदर्शन, पुलिस द्वारा लाठी एवं गोली वर्षा के बाद भी समस्याओं के निराकरण हेतु संघर्ष विशेष चर्चा का विषय रहा हैं।
जीवन के प्रारंभ से हीं विभिन्न देश-प्रदेश, जनपद की व्यापारिक सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं से जुड़े। इन्होंने विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से गरीब, साधनहीन व उपेक्षित लोगों की निरंतर सेवा को हीं कर्म बनाया।